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गड़रियों का यीशु के जन्म के बारे में सुनना

स्वर्गदूत चरवाहों को यीशु के जन्म की घोषणा करते हैं।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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मरियम ने एक सराय के अस्तबल में यीशु को जन्म दिया और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में लिटा दिया। – स्लाइड 1
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पास के खेतों में चरवाहे रहते थे, जो रात में अपने भेड़ों की रखवाली करते थे। अचानक एक स्वर्गदूत प्रकट हुआ। – स्लाइड 2
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यहोवा का तेज उनके चारों ओर चमका, और वे डर गए। – स्लाइड 3
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स्वर्गदूत ने उनसे कहा, 'डरो मत। मैं आपके लिए खुशखबरी लेकर आया हूं जो सभी के लिए बहुत खुशी का कारण बनेगी। आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता का जन्म हुआ है। वह मसीह है, प्रभु। तुम एक बालक को कपड़ों में लिपटा हुआ और चरनी में लेटा पाओगे। – स्लाइड 4
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एकाएक स्वर्गदूत के साथ स्वर्गीय सेना का एक बड़ा दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते हुए प्रकट हुआ, 'सर्वोच्च स्वर्ग में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन लोगों को शांति, जिन पर उसका अनुग्रह है।' – स्लाइड 5
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जब स्वर्गदूतों की यह बड़ी सेना स्वर्ग लौट आई, तो चरवाहों ने एक दूसरे से कहा, 'चलो! बेथलहम चलते हैं! आइए हम इस अद्भुत बात को देखें जिसके बारे में यहोवा ने हमें बताया है।' – स्लाइड 6
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वे तुरन्त बेतलेहेम भागे और मरियम और यूसुफ को पाया। और चरनी में बच्चा पड़ा हुआ था। – स्लाइड 7
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चरवाहों ने सब को वही बताया जो स्वर्गदूत ने इस बालक के विषय में उनसे कहा था। चरवाहों की कहानी सुनकर सभी चकित रह गए। मरियम ने चुपचाप इन बातों को अपने दिल में संजोया और अक्सर उनके बारे में सोचती थी। – स्लाइड 8
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तब चरवाहे फिर अपने अपने खेतों को लौट गए, और स्वर्गदूतों के आने के कारण परमेश्वर की स्तुति करते रहे, और क्योंकि उन्होंने बालक को देखा था, उस स्वर्गदूत ने उन्हें बताया था। – स्लाइड 9
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