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एस्तेर की कहानी: भाग 1- एस्तेर का रानी बनना

राजा क्षयर्ष एस्तेर को मादियों और फारसियों की रानी नियुक्त करता है।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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अध्याय 1: राजा क्षर्यष संसार का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति था। उसने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में सारे कुलीन व नामी लोगों और राजकुमारों को भोज के लिए आमंत्रित किया। भोज 180 दिनो तक चला। – स्लाइड 1
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राजा क्षर्यष मादियों और फारसियों का राजा था उसका राज्य इथोपिया से लेकर भारत तक 127 प्रांतों में फैला हुआ था। उसके साम्राज्य में बहुत से यहूदी भी रहा करता थे। – स्लाइड 2
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भोज के खत्म होने के बाद राजा ने सभी को अपने शूशन के महल में एक अन्य भोज के लिए आमंत्रित किया जो 7 दिनों तक चला। वहाँ के पर्दे नीले और सफेद सूत के थे और बैंजनी रंग के ड़ोरियों से चांदी के छल्लों मे लगे हुए थे। वहाँ की चौकिया सोने चांदी की थी और लाल, नीले और काले संगमरमर के बने हुए फर्श पर रखी हुई थी। – स्लाइड 3
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सभी ने सोने के प्यालों से पीया। रानी वशती ने स्त्रियों के लिए महल के एक अलग भाग में जेवनार का आयोजन किया। – स्लाइड 4
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7 दिनों के खत्म होनें पर राजा नशे में था उसने अपने सात सेवकों को रानी वशती को बुलाने के लिए भेजा ताकि वह अपने मित्रों को उसकी सुन्दरता दिखा सके। – स्लाइड 5
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लेकिन उन्होंने आकर समाचार दिया कि रानी ने आने से मना कर दिया है। – स्लाइड 6
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राजा झुंझला उठा। उसके पंडि़तों ने उसे सलाह देते हुए कहा, ‘रानी ने केवल तेरा ही नही परंतु सबका अपमान किया है। उसने अपने पति का निरादर करके एक  बुरा उदाहरण पेश किया है। रानी का पद और राज्य उससे ले लिया गया। – स्लाइड 7
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एक कानून को बनाकर सारे साम्राज्य में पढ़ा गया कि सारे स्त्रियों को अवश्य ही अपने पति का आदर करना चाहिए और उनकी आज्ञा भी माननी चाहिए। – स्लाइड 8
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अध्याय2: रानी वशती की जगह पर पटरानी बनने के लिए सारे प्रातों में खोज में सुंदर और जवान स्त्रियों की खोज कराई गई और उन्हें ढूंढ़कर राजा के सेवक हेगे के निरीक्षण में महल में लाया गया। – स्लाइड 9
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राजा के महल में एक मोर्दकै नाम का यहूदी काम करता था। मोर्दकै की एक चचेरी बहिन थी उसक नाम एस्तेर था उसे मोर्दकै ने पाला था क्योंकि उसके माता-पिता मर चुके थे। एस्तेर एक जवान व सुदंर कन्या थी उसे भी रानी बनने के लिए चुना गया और 12 महीनों तक उसे सौंदर्य व शुद्धिकरण आदि के लिए महल में लाया गया। मोर्दकै ने उसे सलाह दी कि वह किसी को अपने यहूदी होने के बारे में न बताए। – स्लाइड 10
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चुनी हुई युवतियों में से एस्तेर राजा को सबसे अच्छी लगी। उसने उसे वशती के स्थान पर पटरानी बना दिया। उसके सम्मान में एक भव्य भोज दिया गया। लेकिन  उसने किसी को अपने यहूदी होने के बारे में नहीं बताया। – स्लाइड 11
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थोड़े ही समय के बाद जब मोर्दकै राजा के फाटक की पहरेदारी कर रहा था तो उसने दो सेवकों बिग्तान और तेरेश को राजा को मारने की योजना बनाते हुए सुना। मोर्दकै ने एस्तेर को तुरंत इसकी सूचना दे दी और उसने राजा को बता दिया। – स्लाइड 12
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दोनों सेवकों को पकड़ लिया गया और उनके दोषी निकलने पर उन्हें पेड़ पर लटका कर मार दिया। उनके षड़यंत्र के बारे में, राजा के इतिहास की पुस्तक में लिख दिया गया और यह भी लिखा गया कि मोर्दकै ने उस योजना को बताया। – स्लाइड 13
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अध्याय 3: राजा ने हामान को उसके बाद उसके सारे राज्य में दूसरा सबसे ताकतवर व्यक्ति नियुक्त कर दिया। जब हामान राजा के फाटक से प्रवेश करते तो सारे सेवक उसके सामने झुककर प्रणाम किया करते थे, लेकिन मोर्दकै उसके सामने झुका नहीं करता था। – स्लाइड 14
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सेवकों ने उससे पूछा, तू हामान के सामने न झुककर राजा के आदेश का उल्लंघन क्यों करता है? वे जानते थे कि मोर्दकै एक यहूदी था लेकिन वे उससे पूछते रहे लेकिन मोर्दकै उनकी अनसुनी करता रहा, उन्होंने ये बात हामान को बता दी। – स्लाइड 15
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हामान जल उठ कि एक यहूदी मोर्दकै उसकी भक्ति करने के लिए उसके सामने नही झुकता। – स्लाइड 16
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हामान ने मोर्दकै और सारे यहूदियों को दंड़ देने के लिए एक युक्ति सोची। – स्लाइड 17
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हामान राजा के पास गया और कहा, ‘देश में कुछ लोग ऐसे भी है जो अपने नियमों को राजा की आज्ञाओ से बढ़कर मानते हैं। – स्लाइड 18
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उन्हें नष्ट करने के लिए एक नियम अवश्य बनाया जाना चाहिए। मैं इस कार्य के लिए राजा के खजाने में चांदी के 10 तोड़े दूंगा। – स्लाइड 19
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राजा ने अपनी अंगूठी उतारकर हामान को दे दी। और कहा अपना धन अपने पास रख और इन लोगों के साथ अपने मन के अनुसार बर्ताव कर। – स्लाइड 20
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राजा के शास्त्रियों ने एक कानून लिखा कि 12वें महीने के 13वे दिन सारे यहूदियों पर हमला करके उन्हें मार ड़ाला जाए और उनकी संपत्ति को लूट लिया जाए। कानून पर राजा की अंगूठी की मोहर लगा दी गई। मादियों और फारसियों के कानून को बदला नहीं जा सकता था। इस कानून की घोषणा सारे साम्राज्य मे कर दी गई। – स्लाइड 21
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