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अंद्रियास, पतरस, फिलेप्पुस और नतनएल का यीशु से मिलना

अन्द्रियास, पतरस, फिलिप्पुस और नतनएल यीशु से मिलते हैं।
योगदानकर्ता स्वीट पब्लिशिंग
CC BY-SA
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यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला बैतनिय्याह में यरदन नदी के निकट था। यीशु को बपतिस्मा देने के बाद वह लोगों को बताने लगा कि कैसे उसने पवित्र आत्मा को एक कबूतर के रूप में स्वर्ग से उतरते और यीशु पर विश्राम करते देखा है। यूहन्ना ने कहा, 'मैं ने यीशु के साथ ऐसा होते देखा, और मैं गवाही देता हूं, कि वह परमेश्वर का पुत्र है।' – स्लाइड 1
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अगले दिन, जब यूहन्ना अपने दो शिष्यों के साथ खड़ा था, यीशु वहाँ से चला गया। यूहन्ना ने उसे गौर से देखा और फिर घोषणा की, 'देखो! परमेश्वर का मेमना!' – स्लाइड 2
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यूहन्ना के साथ वे दो चेले तुरन्त यीशु के पीछे हो लिए। यीशु ने मुड़कर देखा कि वे पीछे आ रहे हैं। 'तुम क्या चाहते हो?' उसने उनसे पूछा। 'महोदय,' उन्होंने उत्तर दिया, 'आप कहाँ रह रहे हैं?''आओ और देखो,' यीशु ने कहा। – स्लाइड 3
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सो वे यीशु के पीछे उस स्थान तक गए जहां वह ठहरा हुआ था, और उस दिन दोपहर के लगभग चार पहर से सांझ तक उस से बातें करते रहे। उन आदमियों में से एक शमौन (जो बाद में पतरस कहलाया) का भाई अन्द्रियास था । – स्लाइड 4
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तब अन्द्रियास अपने भाई शमौन को ढूँढ़ने गया और उससे कहा, 'हमें मसीह मिल गया है!' और वह शमौन को यीशु से मिलाने ले आया। – स्लाइड 5
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यीशु ने शमौन की ओर ध्यान से देखा और फिर कहा, 'तुम शमौन हो लेकिन तुम पतरस, चट्टान कहलाओगे! – स्लाइड 6
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अगले दिन यीशु ने गलील झील के तट पर बैतनिय्याह से बेथसैदा की यात्रा की। यह अन्द्रियास और पतरस का गृह नगर था। – स्लाइड 7
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यीशु को बैतसैदा में फिलिप्पुस नाम का एक मनुष्य मिला, और उस से कहा, 'मेरे साथ चल।' – स्लाइड 8
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फिलिप्पुस नतनएल नामक एक मित्र को खोजने गया। वह एक अंजीर के पेड़ की छाया में बैठा था। फिलिप्पुस ने कहा, 'हमें मसीहा मिल गया है!' 'जिस व्यक्ति के बारे में मूसा और नबियों ने बताया था! उसका नाम यीशु है, नासरत से!' – स्लाइड 9
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'नासरत!' नतनएल ने कहा। 'क्या वहां से कुछ भी अच्छा आ सकता है?' 'बस आओ और अपने लिए देखो,' फिलिप्पुस ने उत्तर दिया। – स्लाइड 10
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यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, ’देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है, इस में कपट नहीं।’ – स्लाइड 11
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नतनएल ने कहा, 'तू कैसे जानता है कि मैं कैसा हूं?' यीशु ने उत्तर दिया, 'फिलिप्पुस के मिलने से पहले मैं तुम्हें अंजीर के पेड़ के नीचे देख सकता था।' – स्लाइड 12
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नतनएल ने उत्तर दिया, 'श्रीमान, आप ईश्वर के पुत्र, इस्राएल के राजा हैं!' 'आप इससे भी बड़े प्रमाण देखेंगे,' यीशु ने उत्तर दिया। 'तुम स्वर्ग को खुला हुआ और परमेश्वर के दूतों को मेरे पास, अर्थात् मसीह के पास आते-जाते देखोगे।' – स्लाइड 13
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