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यीशु का मत्ती को अपने चेला बनने के लिए बुलाना

चुंगी लेने वाला मत्ती यीशु का अनुसरण करना चुनता है।
CC BY-SA
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यीशु कफरनहूम के बाहरी इलाके में था। – स्लाइड 1
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उसने वहाँ चुंगी लेने वालों को चुंगी वसूलते देखा। चुंगी लेनेवालों को लोग अच्छा नही समझते थे क्योंकि वे रोमियों क लिए काम करते थे और तय से ज्यादा कर वसूलते थे।जो व्यक्ति चुंगी पर बैठा हुआ था  उसका नाम लेवी था, उसे यूनानी  में मत्ती भी कहा जाता था। – स्लाइड 2
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वहां से आगे बढ़कर यीशु ने मत्ती से कहा, मेरे पीछे हो ले वह उठकर सबकुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिया। – स्लाइड 3
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मत्ती ने अपने घर पर भोज का आयोजन किया और  मुख्य अतिथि के रूप  मे यीशु को आंमत्रित किया । मत्ती के कुछ संगी चुंगी लेनेवाले और उसेक मित्र भी  समारोह में आए हुए थे। – स्लाइड 4
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फरीसी और व्यवस्था के शिक्षक यह देखने गए कि भोज में क्या हो रहा था। – स्लाइड 5
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यह देखकर फरीसियों न उसके चेलों से कहा तुम्हारे  गुरू चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ क्यों खाते है? – स्लाइड 6
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यीशु चाहता था कि वे दया दिखाएँ और उत्तर दिया, 'स्वस्थ लोगों को वैद्य की ज़रूरत नहीं है, लेकिन बीमार लोगों को होती है। मैं उन लोगों को बचाने नहीं आया हूं जो सोचते हैं कि वे परमेश्वर के साथ सही हैं, लेकिन जो जानते हैं कि वे पापी हैं और उन्हें पश्चाताप करने की आवश्यकता है।' – स्लाइड 7
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