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लाजर जीवित है|

लाजर के मरने के बाद यीशु का आगमन।
योगदानकर्ता लैम्बसांग्स
CC BY-NC
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यह अद्भुत चमत्कार बाइबिल में पाया जाता है। यूहन्ना जिसने इसके बारे में लिखा था, जब यह घटित हुआ तो वह वहीं था। – स्लाइड 1
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यीशु यरूशलेम में था जब कोई उसे यह बताने आया कि बैतनिय्याह नगर का उसका मित्र लाजर बीमार है। – स्लाइड 2
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दो दिन बाद यीशु और उसके मित्र उससे मिलने बैतनिय्याह गए, परन्तु यीशु जानता था कि लाजर मर गया है। – स्लाइड 3
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मार्था यीशु से मिलने के लिए दौड़ी। 'अगर तुम यहाँ होते,' उसने कहा, 'मेरा भाई नहीं मरा होता। लेकिन मुझे पता है, बहुत देर नहीं हुई है। आप कुछ भी कर सकते हैं।' – स्लाइड 4
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'लाजर जीवित रहेगा,' यीशु ने उससे कहा। 'जाओ और अपनी बहन, मरियम को ले आओ।' यीशु अक्सर मार्था और मरियम और उनके भाई लाज़र के साथ रहा करता था। – स्लाइड 5
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यीशु उदास था। लाज़र उसका मित्र था। वे उस कब्र में गए जहाँ लाजर को दफनाया गया था। यीशु ने कहा, “पत्थर हटाओ।”  वे उससे कहने लगे, ‘परंतु, उसे मरे चार दिन हो चुके हैं।’ – स्लाइड 6
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'यदि तुम विश्वास करते हैं, तो तुम देखोगे कि परमेश्‍वर क्या कर सकता है,' उसने उत्तर दिया। 'लाजर निकल आ!' यीशु ने बुलाया। लाजर पट्टियों में लिपटा हुआ बाहर आ गया। – स्लाइड 7
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मार्था और मरियम ने उसे खोल दिया। वे बहुत खुश थे कि लाज़र जीवित था! बहुत से लोग, जिन्होंने इस चमत्कार को अपनी आँखों से देखा, विश्वास किया कि यीशु परमेश्वर का पुत्र था। – स्लाइड 8
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