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मूसा और 10 आज्ञाएँ

परमेश्वर ने मूसा को जीवन जीने के लिए अपने नियम दिए
योगदानकर्ता लैम्बसांग्स
CC BY-NC
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मूसा यहोवा से बात करने के लिए दो बड़े, चपटे पत्थर लेकर पहाड़ पर चढ़ गए। सभी लोग पहाड़ के नीचे प्रतीक्षा करते रहे। – स्लाइड 1
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परमेश्वर ने अपने नियम पत्थरों पर लिखे। परमेश्वर के नियम लोगों को बताते हैं कि ईश्वर ही एकमात्र वास्तविक ईश्वर है जिस पर प्रेम और भरोसा किया जा सकता है और दूसरे लोगों के साथ अच्छा और सही बर्ताव कैसे किया जा सकता है। – स्लाइड 2
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मूसा बहुत दिनों से दूर था। उन्होंने कहा, 'आओ हम सोने के खजाने से एक भगवान बनाएं जिसे हम देख सकें।' परन्तु सोने का बछड़ा उनकी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं दे सका। – स्लाइड 3
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मूसा ने लोगों को अपने आराध्य से प्रार्थना करते देखा। उसने उन पत्थरों को तोड़ दिया जिन पर परमेश्वर ने लिखा था। तब सभी को याद आया कि परमेश्वर ने उन्हें कैसे बचाया था और उन्हें खेद हुआ। – स्लाइड 4
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मूसा दो नए पत्थरों के साथ फिर से पहाड़ पर वापस चला गया। परमेश्वर ने मूसा को फिर से नये नियम दिये। परमेश्वर ने कहा, 'लोगों से कहो कि वे इन अच्छे नियमों के अनुसार रहें।' – स्लाइड 5
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'अब उन्हें पता चल जाएगा कि क्या करना सही है और अच्छा जीवन कैसे जीना है।' परमेश्वर के नियमों को दस आज्ञाएँ कहा जाता है। – स्लाइड 6
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वैकल्पिक स्लाइड आप अपने पाठ जोड़ने के लिए । – स्लाइड 7
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अगर आप ये काम करेंगे तो आपका जीवन सुखी और शांतिपूर्ण रहेगा। परमेश्वर चाहता है कि हम उससे प्रेम करें और दूसरों से भी प्रेम करें। – स्लाइड 8
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