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एलिय्याह और विधवा

परमेश्वर एलिय्याह के लिए, एक विधवा और उसके बेटे, आटा और तेल प्रदान करता है।
योगदानकर्ता लैम्बसांग्स
CC BY-NC
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एलिय्याह भूखा-प्यासा था। अकाल के कारण खाना सब खत्म हो गया था। परमेश्वर ने कहा, 'दूसरे नगर में जाकर एक विधवा स्त्री और उसके लड़के को ढूंढ़ो।' – स्लाइड 1
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एलिय्याह नगर में गया और उन्हें अपनी आग के लिए लकड़ी उठाते हुए पाया। 'कृपया क्या आप मुझे पानी और थोड़ी सी रोटी देंगे?' उसने पूछा। – स्लाइड 2
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उसने कहा, 'मेरे पास केवल एक आखिरी रोटी के लिए थोड़ा सा आटा और थोड़ा सा तेल है।' उसने उससे कहा, 'पहले मेरे लिए एक पकाओ और तुम दोनों के लिए काफी हो जाएगा।' – स्लाइड 3
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'चिंता मत करो। परमेश्वर ने मुझसे कहा कि वह हमें खाने के लिए पर्याप्त देगा। हम परमेश्वर पर भरोसा करेंगे।' – स्लाइड 4
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सो उस स्त्री ने परमेश्वर पर विश्वास किया और वही किया जो एलिय्याह ने कहा था। जब उसने आटे के डिब्बे में देखा तो अगले दिन के लिए आटा बचा था। – स्लाइड 5
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जब तक वर्षा नहीं हुई और गेहूँ और भुट्टे नहीं उगे, तब तक उसके घड़े में तेल और रोटी के लिए आटा हमेशा बना रहता था। – स्लाइड 6
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तब एलिय्याह घर वापस चला गया। बाइबल में हम पढ़ सकते हैं कि परमेश्वर ने उनकी देखभाल कैसे की। परमेश्वर आपकी भी देखभाल करेंगे। – स्लाइड 7
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