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एलिय्याह और कौवे

परमेश्वर एलिय्याह को खिलाने के लिए कौवों का उपयोग करता है।
योगदानकर्ता लैम्बसांग्स
CC BY-NC
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परमेश्वर ने अपने दास एलिय्याह को दुष्ट राजा अहाब को मिलने के लिये भेजा। एलिय्याह ने राजा से कहा, 'जब तक परमेश्वर न कहे, तब तक वर्षा नहीं होगी।' – स्लाइड 1
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जल्द ही सभी को प्यास लगी। परन्तु परमेश्वर ने एलिय्याह की देखभाल की। उस ने उसे दूर भेज दिया, कि वह पथरीली धारा के पास रहने लगे। – स्लाइड 2
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यहाँ रुको जब तक कि मैं फिर से बारिश न भेज दूं, 'परमेश्वर ने कहा। 'यहाँ तुम्हारे पास पीने के लिए पानी होगा।' – स्लाइड 3
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परन्तु एलिय्याह बहुत भूखा था और उसने परमेश्वर से प्रार्थना की। परमेश्वर ने एलिय्याह की देखभाल की। उसने उसे कौव्वों के द्वारा भोजन भेजा! – स्लाइड 4
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परमेश्वर ने कहा, 'कौवे हर सुबह तुम्हें खिलाने के लिए रोटी और मांस लाएंगे'। – स्लाइड 5
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और दोपहर में, सूरज डूबने से ठीक पहले, कौवे फिर लौट आए, एलिय्याह के लिए भोजन के साथ। – स्लाइड 6
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परमेश्वर ने एलिय्याह की विशेष तरीके से देखभाल की। परमेश्वर आपकी भी देखभाल करेंगे। – स्लाइड 7
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