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दाऊद और गोलियत

दाऊद एक पलिश्ती दानव के साथ द्वंद्वयुद्ध में चला जाता है।
योगदानकर्ता योमिनिस्ट्री
CC BY-NC-ND
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‘और यहोवा ने शमूएल से कहा, मैं ने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर के चल; मैं तुझ को बेतलेहेमी यिशै के पास भेजता हूं, क्योंकि मैं ने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है।’ 1 शमूएल 16:1 – स्लाइड 1
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शमूएल ने परमेश्वर की आज्ञा मानी और बेतलेहेम चला गया। वहाँ उसकी भेंट यिशै और उसके पुत्रों से हुई। जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि करके सोचा, कि निश्चय यही यहोवा का अभिषिक्त होगा। <br/>1 शमूएल 16:6 – स्लाइड 2
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परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है। <br/>1 शमूएल 16:7 – स्लाइड 3
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तब शमूएल ने यिशै से कहा, क्या सब लड़के आ गए? वह बोला, नहीं, सबसे छोटा तो रह गया, और वह भेड़-बकरियों को चरा रहा है। शमूएल ने यिशै से कहा, उसे बुलवा भेज; क्योंकि जब तक वह यहां न आए तब तक हम खाने को न बैठेंगे।<br/>1 शमूएल 16:11 – स्लाइड 4
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यिशै का सबसे छोटा पुत्र दाऊद कहलाता था जो चरवाहे का काम करता था। तब वह उसे बुलाकर भीतर ले आया। उसके तो लाली झलकती थी, और उसकी आंखें सुन्दर, और उसका रूप सुडौल था। तब यहोवा ने कहा, उठ कर इस का अभिषेक कर: यही है। <br/>1 शमूएल 16:12 – स्लाइड 5
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तब शमूएल ने अपना तेल का सींग ले कर उसके भाइयों के मध्य में उसका अभिषेक किया; और उस दिन से ले कर यहोवा का आत्मा दाऊद पर बल से उतरता रहा। तब शमूएल उठ कर रामा को चला गया l 1 शमूएल 16:13 दाऊद को राजा के रूप में अभिषिक्त किया गया था लेकिन शाऊल वर्तमान राजा था। दाऊद को राजा बनने में इसके बाद कई साल लगे। – स्लाइड 6
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शाऊल ने इस्राएल के सैनिकों को उनके सबसे मजबूत दुश्मन पलिश्तियों के खिलाफ नेतृत्व किया और इकट्ठे हो कर एला नाम तराई में डेरे डाले, और युद्ध के लिये पलिश्तियों के विरुद्ध पांती बान्धी। 1 शमूएल 17:2 – स्लाइड 7
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पलिश्ती तो एक ओर के पहाड़ पर और इस्राएली दूसरी ओर के पहाड़ पर खड़े रहे; और दोनों के बीच तराई थी। तब पलिश्तियों की छावनी में से एक वीर गोलियत नाम निकला, जो गत नगर का था, और उसके डील की लम्बाई छ: हाथ एक बित्ता थी l<br/>1 शमूएल 17:3–4 – स्लाइड 8
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गोलियत ललकार के बोला, तुम ने यहां आकर लड़ाई के लिये क्यों पांति बान्धी है? अपने में से एक पुरूष चुनो, कि वह मेरे पास उतर आए। यदि वह मुझ से लड़कर मुझे मार सके, तब तो हम तुम्हारे आधीन हो जाएंगे; परन्तु यदि मैं उस पर प्रबल हो कर मांरू, तो तुम को हमारे आधीन हो कर हमारी सेवा करनी पड़ेगी। 1 शमूएल 17:8-9 – स्लाइड 9
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फिर वह पलिश्ती बोला, मैं आज के दिन इस्राएली पांतियों को ललकारता हूं, किसी पुरूष को मेरे पास भेजो, कि हम एक दूसरे से लड़ें। उस पलिश्ती की इन बातों को सुनकर शाऊल और समस्त इस्राएलियों का मन कच्चा हो गया, और वे अत्यन्त डर गए l 1 शमूएल 17:10-11 – स्लाइड 10
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दाऊद युद्ध के मैदान में अपने भाइयों से मिलने गया। वह उनके साथ बातें कर ही रहा था, कि पलिश्तियों की पांतियों में से वह वीर, अर्थात गतवासी गोलियत नाम वह पलिश्ती योद्धा चढ़ आया, और पहिले की सी बातें कहने लगा। और दाऊद ने उन्हें सुना। 1 शमूएल 17:23 – स्लाइड 11
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तब दाऊद ने उन पुरूषों से जो उसके आस पास खड़े थे पूछा, कि जो उस पलिश्ती को मार के इस्राएलियों की नामधराई दूर करेगा उसके लिये क्या किया जाएगा? वह खतनारहित पलिश्ती तो क्या है कि जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारे? 1 शमूएल 17:26 – स्लाइड 12
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जब दाऊद की बातों की चर्चा हुई, तब शाऊल को भी सुनाईं गई; और उसने उसे बुलवा भेजा। तब दाऊद ने शाऊल से कहा, किसी मनुष्य का मन उसके कारण कच्चा न हो; तेरा दास जा कर उस पलिश्ती से लड़ेगा। 1 शमूएल 17:31–32 – स्लाइड 13
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शाऊल ने दाऊद से कहा, तू जा कर उस पलिश्ती के विरुद्ध नहीं युद्ध कर सकता; क्योंकि तू तो लड़का ही है, और वह लड़कपन ही से योद्धा है। <br/>1 शमूएल 17:33 – स्लाइड 14
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दाऊद ने राजा शाऊल को समझाया कि कैसे उसने एक सिंह और भालू दोनों को मार डाला जिसने उसके पिता के झुंड पर हमला किया था। यहोवा जिसने मुझ सिंह और भालू दोनों के पंजे से बचाया है, वह मुझे उस पलिश्ती के हाथ से भी बचाएगा। शाऊल ने दाऊद से कहा, जा, यहोवा तेरे साथ रहे। – स्लाइड 15
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तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा। फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वनपशुओं को दे दूंगा। 1 शमूएल 17:43–44 – स्लाइड 16
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दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला लिए हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।  आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा। 1 शमूएल 17:45–47 – स्लाइड 17
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जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का साम्हना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का साम्हना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा। फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा। 1 शमूएल 17:48–49 – स्लाइड 18
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यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी। 1 शमूएल 17:50 – स्लाइड 19
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दाऊद इस्राएल का अगला राजा बनने जा रहा था। दाऊद को परमेश्वर में विश्वास था और उसने अपने अभिषेक के समय से लेकर राजा बनने तक लगभग पंद्रह वर्षों तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा की। – स्लाइड 20
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