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सुसमाचार छवियां - यीशु के चमत्कार

यीशु मसीह के कुछ चमत्कारों के चित्र।
CC BY-NC-ND
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1
यीशु मसीह आंधी को शांत करता है। जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए। और देखो, झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था। तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं। उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया। और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं। मत्ती 8: 23 – 27 – स्लाइड 1
2
बेतहसदा। यीशु ने उस से कहा, उठ, अपनी खाट उठाकर चल फिर। यूहन्ना 5: 8 <br/>पूरा पाठ: यूहन्ना 5:2-9 – स्लाइड 2
3
चमत्कारी भोजन। और यीशु मसीह ने उन पांच रोटियों को और दो मछिलयों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियां तोड़ तोड़ कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछिलयां भी उन सब में बांट दीं। मरकुस 6:41<br/>पूरा पाठ: मरकुस 6:32-44 – स्लाइड 3
4
कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति की चंगाई । और एक कोढ़ी ने उसके पास आकर, उस से बिनती की, और उसके साम्हने घुटने टेककर, उस से कहा; यदि तू चाहे तो मुझे शुद्ध कर सकता है। उस ने उस पर तरस खाकर हाथ बढ़ाया, और उसे छूकर कहा; मैं चाहता हूं तू शुद्ध हो जा। और तुरन्त उसका कोढ़ जाता रहा, और वह शुद्ध हो गया। मरकुस 1: 40 – 42 – स्लाइड 4
5
झोले का मारा हुआ व्यक्ति की चंगाई। और देखो कई लोग एक मनुष्य को जो झोले का मारा हुआ था, खाट पर लाए, और वे उसे भीतर ले जाने और यीशु के साम्हने रखने का उपाय ढूंढ़ रहे थे। लूका 5: 18<br/>पूरा पाठ: लूका 5: 17 – 25 – स्लाइड 5
6
झोले का मारा हुआ व्यक्ति छत से उतारा गया। और देखो कई लोग एक मनुष्य को जो झोले का मारा हुआ था, खाट पर लाए, और वे उसे भीतर ले जाने और यीशु के साम्हने रखने का उपाय ढूंढ़ रहे थे। जब भीड़ के कारण उसे भीतर न ले जा सके तो उन्होंने छत पर चढ़ कर और खप्रैल हटाकर, उसे खाट समेत बीच में यीशु के साम्हने उतार दिया।<br/>पूरा पाठ: लूका 5: 17 – 25 – स्लाइड 6
7
अपंग महिला। सब्त के दिन वह एक आराधनालय में उपदेश दे रहा था और देखो, एक स्त्री थी, जिसे अठारह वर्ष से एक र्दुबल करने वाली दुष्टात्मा लगी थी, और वह कुबड़ी हो गई थी, और किसी रीति से सीधी नहीं हो सकती थी।<br/>पूरा पाठ: लूका 13: 10 – 13 – स्लाइड 7
8
अपंग महिला। यीशु ने उसे देखकर बुलाया, और कहा हे नारी, तू अपनी र्दुबलता से छूट गई। तब उस ने उस पर हाथ रखे, और वह तुरन्त सीधी हो गई, और परमेश्वर की बड़ाई करने लगी।<br/>पूरा पाठ: लूका 13: 10 – 13 – स्लाइड 8
9
खून की समस्या से जूझ रही महिला। तब यीशु ने उसे देखने के लिये जिस ने उसे छुआ था, चारों ओर दृष्टि की। तब वह स्त्री यह जानकर, कि मेरी कैसी भलाई हुई है, डरती और कांपती हुई आई, और उसके पांवों पर गिरकर, उस से सब हाल सच सच कह दिया। उस ने उस से कहा; पुत्री तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है: कुशल से जा, और अपनी इस बीमारी से बची रह। मरकुस 5: 32 – 34<br/>पूरा पाठ:  मरकुस 5: 25 – 34 – स्लाइड 9
10
यीशु मसीह ने याईर की बेटी को मरे हुओं में से जिलाया। परन्तु उस ने उसका हाथ पकड़ा, और पुकारकर कहा, हे लड़की उठ! <br/>लूका 8: 54<br/>पूरा पाठ: लूका 8: 40 – 56 – स्लाइड 10
11
अशुद्ध आत्मा से ग्रसित व्यक्ति को छुडाया। यीशु ने उसे डांटकर कहा, चुप रह; और उस में से निकल जा। तब अशुद्ध आत्मा उस को मरोड़कर, और बड़े शब्द से चिल्लाकर उस में से निकल गई। मरकुस 1: 25 – 26<br/>पूरा पाठ:  मरकुस 1: 23 – 26 – स्लाइड 11
12
यीशु मसीह अशुद्ध आत्मा से ग्रसित व्यक्ति को चंगा करता है। वह यीशु को दूर ही से देखकर दौड़ा, और उसे प्रणाम किया। और ऊंचे शब्द से चिल्लाकर कहा; हे यीशु, परमप्रधान परमेश्वर के पुत्र, मुझे तुझ से क्या काम? मैं तुझे परमेश्वर की शपथ देता हूं, कि मुझे पीड़ा न दे।<br/>मरकुस 5:6-7 <br/>पूरा पाठ: मरकुस 5:1-20 – स्लाइड 12
13
एक अंधे भिखारी को उसकी दृष्टि मिली। तू क्या चाहता है, कि मैं तेरे लिये करूं? उस ने कहा; हे प्रभु यह कि मैं देखने लगूं। यीशु ने उससे कहा; देखने लग, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा कर दिया है।<br/>लूका 18:41-42 <br/>पूरा पाठ: लूका 18:35-43 – स्लाइड 13
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काना में शादी<br/>यीशु ने गलील के काना में अपना यह पहिला चिन्ह दिखाकर अपनी महिमा प्रगट की और उसके चेलों ने उस पर विश्वास किया॥<br/>अध्याय 2:11<br/>पूरा पाठ: अध्याय 2:1-12 – स्लाइड 14
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