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नूह को अनुग्रह मिलता है

परमेश्वर नूह को एक जहाज़ बनाने की योजना देते हैं।
CC BY-NC-ND
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नूह एक बहुत बूढ़ा व्यक्ति था जो परमेश्वर से पूरे दिल से प्यार करता था।<br/>उसने परमेश्वर से बात की और वही किया जो सही था।<br/>नूह अपनी पत्नी, अपने परिवार और ज़मीन से प्यार करता था।<br/>उसने ऐसा जीवन जीया जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा था। – स्लाइड 1
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शेम, हाम और येपेत नूह के पुत्र थे।<br/>वे खेती करते थे और अपने पिता की मदद करते थे<br/>लेकिन दुनिया दुष्ट थी और टूट रही थी।<br/>आने वाली विपत्ति से कोई भी सुरक्षित नहीं था। – स्लाइड 2
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परमेश्वर ने नूह से बात की और कहा, 'तुम्हारे आस-पास के लोग एक घृणित समूह हैं।<br/>वे मूर्तियों की पूजा करते हैं, झूठ बोलते हैं, चोरी करते हैं और लड़ते-झगडते हैं।<br/>वे दुनिया से न तो प्यार करते हैं और न ही इसकी ठीक से देखभाल करते हैं।<br/>वे सब मेरी दृष्टि में बड़े दुष्ट हैं।' – स्लाइड 3
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परमेश्वर ने लोगों को संसार को बर्बाद करते हुए देखा।<br/>सभी लोग एक-दूसरे को चोट पहुँचा रहे थे। परन्तु नूह ने परमेश्वर से प्रेम किया और परमेश्वर ने उस पर अनुग्रह किया। – स्लाइड 4
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पृथ्वी अस्त-व्यस्त थी और इसने परमेश्वर का हृदय तोड़ दिया।<br/>इसलिए परमेश्वर ने नूह से बात की और उसे एक योजना दी।<br/>परमेश्वर ने कहा, 'नूह, अब एक विशाल जहाज़ बनाने का समय आ गया है।<br/>अब दुनिया के लिए एक नई शुरुआत करने का समय आ गया है।' – स्लाइड 5
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