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यीशु व्यभिचार और तलाक के बारे में सिखाते है

यीशु व्यभिचार के पाप और तलाक के परिणामों के बारे में सिखाते है।
CC BY-NC-ND
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यीशु एक पहाड़ पर चढ़ गया और अपने चेले को  यह उपदेश देने लगा: ‘तुम सुन चुके हो कि कहा गया था, कि व्यभिचार न करना।’ – स्लाइड 1
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‘परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई किसी स्त्री पर कुदृष्टि डाले वह अपने मन में उस से व्यभिचार कर चुका।’ – स्लाइड 2
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‘यदि तेरी दाहिनी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकालकर अपने पास से फेंक दे! – स्लाइड 3
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‘क्योंकि तेरे लिये यही भला है कि तेरे अंगों में से एक नाश हो जाए और तेरा सारा शरीर नरक में न डाला जाए। – स्लाइड 4
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‘और यदि तेरा दाहिना हाथ तुझे ठोकर खिलाए, तो उस को काटकर अपने पास से फेंक दे! – स्लाइड 5
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‘क्योंकि तेरे लिये यही भला है कि तेरे अंगों में से एक नाश हो जाए और तेरा सारा शरीर नरक में न डाला जाए। – स्लाइड 6
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‘यह भी कहा गया था, कि जो कोई अपनी पत्नी को त्याग दे तो उसे त्यागपत्र दे।” – स्लाइड 7
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‘परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं कि जो कोई अपनी पत्नी को व्यभिचार के सिवा किसी और कारण से छोड़ दे, तो वह उस से व्यभिचार करवाता है; और जो कोई उस त्यागी हुई से ब्याह करे, वह व्यभिचार करता है॥’ – स्लाइड 8
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