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पतरस बहाल किया जाता है

यीशु गलील सागर के किनारे अपने शिष्यों को दिखाई देता है और पतरस को बहाल करता है।
CC BY-NC-ND
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यरूशलेम में अपने शिष्यों को दिखाई देने के बाद यीशु ने अपने आप को तिबिरियास झील के किनारे चेलों पर प्रगट किया और इस रीति से प्रगट किया। – स्लाइड 1
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शमौन पतरस और थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, और गलील के काना नगर का नतनएल और जब्दी के पुत्र, और उसके चेलों में से दो और जन इकट्ठे थे। शमौन पतरस ने उन से कहा, ‘मैं मछली पकड़ने को जाता हूं:’ उन्होंने उस से कहा, ‘हम भी तेरे साथ चलते हैं:’ – स्लाइड 2
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सो वे निकलकर नाव पर चढ़े, परन्तु उस रात कुछ न पकड़ा। भोर होते ही यीशु किनारे पर खड़ा हुआ; तौभी चेलों ने न पहचाना कि यह यीशु है। – स्लाइड 3
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तब यीशु ने उन से कहा, हे बाल को, ‘क्या तुम्हारे पास कुछ खाने को है?;’ उन्होंने उत्तर दिया कि ‘नहीं।’<br/>उस ने उन से कहा, ‘नाव की दाहनी ओर जाल डालो, तो पाओगे’। – स्लाइड 4
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तब उन्होंने जाल डाला, और अब मछिलयों की बहुतायत के कारण उसे खींच न सके। – स्लाइड 5
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इसलिये यूहन्ना ने पतरस से कहा, यह तो प्रभु है: – स्लाइड 6
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शमौन पतरस ने यह सुनकर कि प्रभु है, कमर में अंगरखा कस लिया, क्योंकि वह नंगा था, और झील में कूद पड़ा। – स्लाइड 7
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परन्तु और चेले डोंगी पर मछिलयों से भरा हुआ जाल खींचते हुए आए, क्योंकि वे किनारे से अधिक दूर नहीं, कोई दो सौ हाथ पर थे। – स्लाइड 8
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यीशु ने उन से कहा, ‘जो मछिलयां तुम ने अभी पकड़ी हैं, उन में से कुछ लाओ।’ शमौन पतरस ने डोंगी पर चढ़कर एक सौ तिर्पन बड़ी मछिलयों से भरा हुआ जाल किनारे पर खींचा, और इतनी मछिलयां होने से भी जाल न फटा। – स्लाइड 9
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यीशु ने उन से कहा, कि ‘आओ, भोजन करो’ और चेलों में से किसी को हियाव न हुआ, कि उस से पूछे, ‘कि तू कौन है?’ क्योंकि वे जानते थे, कि हो न हो यह प्रभु ही है। यीशु आया, और रोटी लेकर उन्हें दी, और वैसे ही मछली भी। यह तीसरी बार है, कि यीशु ने मरे हुओं में से जी उठने के बाद चेलों को दर्शन दिए॥ – स्लाइड 10
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भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, ‘हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है?’ उस ने उस से कहा, ‘हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं:’ – स्लाइड 11
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उस ने उस से कहा, ‘मेरे मेमनों को चरा।’ – स्लाइड 12
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उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, ‘हे शमौन यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है?’ उस ने उन से कहा, ‘हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं:’ – स्लाइड 13
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उस ने उस से कहा, ‘मेरी भेड़ों की रखवाली कर।’ – स्लाइड 14
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उस ने तीसरी बार उस से कहा, ‘हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है?’ पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि ‘क्या तू मुझ से प्रीति रखता है?’ और उस से कहा, ‘हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं:’ – स्लाइड 15
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यीशु ने उस से कहा, ‘मेरी भेड़ों को चरा। मैं तुझ से सच सच कहता हूं, जब तू जवान था, तो अपनी कमर बान्धकर जहां चाहता था, वहां फिरता था; परन्तु जब तू बूढ़ा होगा, तो अपने हाथ लम्बे करेगा, और दूसरा तेरी कमर बान्धकर जहां तू न चाहेगा वहां तुझे ले जाएगा।’ – स्लाइड 16
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उस ने इन बातों से पता दिया कि पतरस कैसी मृत्यु से परमेश्वर की महिमा करेगा; और यह कहकर, उस से कहा, ‘मेरे पीछे हो ले।’ – स्लाइड 17
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यह वही चेला है, जो इन बातों की गवाही देता है और जिस ने इन बातों को लिखा है और हम जानते हैं, कि उस की गवाही सच्ची है। – स्लाइड 18
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और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं॥ – स्लाइड 19
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