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एक दूत मरियम से भेंट करते है

एक दूत मरियम को बताता है कि उसे परमेश्वर के पुत्र की माँ बनने के लिए चुना गया है।
योगदानकर्ता एज ग्रुप - लायन हडसन
CC BY-NC-ND
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नासरत गाँव में मरियम नाम की एक युवती रहती थी। – स्लाइड 1
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वह एक अच्छी और वफादार व्यक्ति थी जो परमेश्वर से प्रेम और उसकी आज्ञा का पालन करती थी। एक दिन उसे अपने जीवन का सरप्राइज मिला। – स्लाइड 2
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स्वर्गदूत ने उसे दर्शन दिए और कहा, हे मरियम; भयभीत न हो, क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह तुझ पर हुआ है। और देख, तू गर्भवती होगी, और तेरे एक पुत्र उत्पन्न होगा; तू उसका नाम यीशु रखना। वह महान होगा; और परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा; और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन उस को देगा। और वह याकूब के घराने पर सदा राज्य करेगा; और उसके राज्य का अन्त न होगा। मरियम ने स्वर्गदूत से कहा, यह क्योंकर होगा? 'मैं विवाहित नहीं हूँ।' – स्लाइड 3
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स्वर्गदूत ने उस को उत्तर दिया; कि पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा, और परमप्रधान की सामर्थ तुझ पर छाया करेगी।’ – स्लाइड 4
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इसलिये वह पवित्र जो उत्पन्न होनेवाला है, परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा – स्लाइड 5
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मरियम समझ गई कि वह परमेश्वर की महान योजना का हिस्सा बनने वाली है। मरियम ने कहा, देख, मैं प्रभु की दासी हूं, मुझे तेरे वचन के अनुसार हो। तथा आपकी कही हर बात सच हो।' – स्लाइड 6
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कुछ समय बाद, मरियम अपने चचेरी बहिन एलिजाबेथ से मिलने गई, जो उस वक्त पेट से थी और एक बच्चे की उम्मीद कर रही थी, जो बड़ा होकर यूहन्ना बपतिस्मा बनेगा। इलीशिबा पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गई। और उस ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा, तू स्त्रियों में धन्य है, और तेरे पेट का फल धन्य है। और यह अनुग्रह मुझे कहां से हुआ, कि मेरे प्रभु की माता मेरे पास आई? – स्लाइड 7
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मरियम फिर गीत गाने लगी, ‘मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है। और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर से आनन्दित हुई। क्योंकि उस ने अपनी दासी की दीनता पर दृष्टि की है, इसलिये देखो, अब से सब युग युग के लोग मुझे धन्य कहेंगे। और मेरी आत्मा परमेश्वर में प्रसन्न है, जो पाप के दण्ड से बचाता है। यहोवा ने मुझ पर दृष्टि की है, उसकी दासी और अब से सभी लोग मेरा सम्मान करेंगे। परमेश्वर ने मेरे लिए महान कार्य किए हैं। उसका नाम पवित्र है। प्रभु की प्रेम-कृपा उन सभी पर दी जाती है जो उसका आदर करते हैं।’ – स्लाइड 8
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उस ने अपना भुजबल दिखाया, और जो अपने आप को बड़ा समझते थे, उन्हें तित्तर-बित्तर किया। उस ने बलवानों को सिंहासनों से गिरा दिया; और दीनों को ऊंचा किया। उस ने भूखों को अच्छी वस्तुओं से तृप्त किया, और धनवानों को छूछे हाथ निकाल दिया। उस ने अपने सेवक इस्राएल को सम्भाल लिया। कि अपनी उस दया को स्मरण करे, जो इब्राहीम और उसके वंश पर सदा रहेगी, जैसा उस ने हमारे बाप-दादों से कहा था। इसी बीच, एक स्वर्गदूत ने यूसुफ को स्वप्न में दर्शन दिया और कहा कि वह मरियम से विवाह करे और उसके बच्चे की देखभाल करे। यूसुफ ने आज्ञा मानी और मरियम को अपनी पत्नी बना लिया। – स्लाइड 9
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