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पतरस, यूहन्ना और लंगड़ा मनुष्य

एक आदमी चंगा हो जाता है लेकिन पतरस और यूहन्ना कैद हो जाते हैं।
योगदानकर्ता सीकू - एज ग्रुप
CC BY-NC-ND
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पिन्तेकुस्त के बाद बहुत से नए मसीही यरूशलेम में रहते थे। वे एक दूसरे के घरों में और मंदिर में मिलते थे। – स्लाइड 1
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प्रार्थना के समय दोपहर करीब तीन बजे का था। – स्लाइड 2
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पतरस और यूहन्ना प्रार्थना के समय मन्दिर में जा रहे थे। – स्लाइड 3
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लोग एक जन्म के लंगड़े को ला रहे थे, जिस को लोग प्रति दिन मन्दिर के उस द्वार पर जो सुन्दर कहलाता है, बैठा देते थे, कि वह मन्दिर में जाने वालों से भीख मांगे। – स्लाइड 4
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जब लंगड़े ने पतरस और यूहन्ना को मन्दिर में जाते देखा, तो उन से भीख मांगी। पतरस ने यूहन्ना के साथ उस की ओर ध्यान से देखकर कहा, हमारी ओर देख। – स्लाइड 5
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सो वह उन से कुछ पाने की आशा रखते हुए उन की ओर ताकने लगा। तब पतरस ने कहा, चान्दी और सोना तो मेरे पास है नहीं; परन्तु जो मेरे पास है, वह तुझे देता हूं: यीशु मसीह नासरी के नाम से चल फिर। और उस ने उसका दाहिना हाथ पकड़ के उसे उठाया – स्लाइड 6
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और तुरन्त उसके पावों और टखनों में बल आ गया और वह उछलकर खड़ा हो गया। – स्लाइड 7
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और चलने फिरने लगा और चलता; और कूदता, और परमेश्वर की स्तुति करता हुआ उन के साथ मन्दिर में गया। सब लोगों ने उसे चलते फिरते और परमेश्वर की स्तुति करते देखकर। उस को पहचान लिया कि यह वही है, जो मन्दिर के सुन्दर फाटक पर बैठ कर भीख मांगा करता था; और उस घटना से जो उसके साथ हुई थी; वे बहुत अचम्भित और चकित हुए। – स्लाइड 8
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जब वे लोगों से यह कह रहे थे, तो याजक और मन्दिर के सरदार और सदूकी उन पर चढ़ आए। क्योंकि वे बहुत क्रोधित हुए कि वे लोगों को सिखाते थे और यीशु का उदाहरण दे देकर मरे हुओं के जी उठने का प्रचार करते थे। और उन्होंने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हवालात में रखा। – स्लाइड 9
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जब वे लोगों से यह कह रहे थे, तो याजक और मन्दिर के सरदार और सदूकी उन पर चढ़ आए। क्योंकि वे बहुत क्रोधित हुए कि वे लोगों को सिखाते थे और यीशु का उदाहरण दे देकर मरे हुओं के जी उठने का प्रचार करते थे। और उन्होंने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हवालात में रखा क्योंकि सन्धया हो गई थी। दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरिनये और शास्त्री और महायाजक और जितने महायाजक के घराने के थे, सब यरूशलेम में इकट्ठे हुए। और पतरस और यूहन्ना को बीच में खड़ा करके पूछने लगे, कि तुम ने यह काम किस सामर्थ से और किस नाम से किया है? पतरस ने कहा इस दुर्बल मनुष्य के साथ जो भलाई की गई है, यदि आज हम से उसके विषय में पूछताछ की जाती है, कि वह क्योंकर अच्छा हुआ। तो तुम सब और सारे इस्त्राएली लोग जान लें कि यीशु मसीह नासरी के नाम से जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, और परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया, यह मनुष्य तुम्हारे साम्हने भला चंगा खड़ा है। यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाना और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया। और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। – स्लाइड 10
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सरदारो ने पहचाना, कि ये यीशु के साथ रहे हैं। और उस मनुष्य को जो अच्छा हुआ था, उन के साथ खड़े देखकर, वे विरोध में कुछ न कह सके। – स्लाइड 11
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वे आपस में विचार करने लगे, कि हम इन मनुष्यों के साथ क्या करें? क्योंकि यरूशलेम के सब रहने वालों पर प्रगट है, कि इन के द्वारा एक प्रसिद्ध चिन्ह दिखाया गया है; और हम उसका इन्कार नहीं कर सकते। परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें। – स्लाइड 12
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प्रेरितों को बुलाया गया और चितौनी देकर यह कहा, कि यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखलाना। परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें। क्योंकि यह तो हम से हो नहीं सकता, कि जो हम ने देखा और सुना है, वह न कहें। – स्लाइड 13
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तब उन्होंने उन को और धमका कर छोड़ दिया, क्योंकि लोगों के कारण उन्हें दण्ड देने का कोई दांव नहीं मिला, इसलिये कि जो घटना हुई थी उसके कारण सब लोग परमेश्वर की बड़ाई करते थे। क्योंकि वह मनुष्य, जिस पर यह चंगा करने का चिन्ह दिखाया गया था, चालीस वर्ष से अधिक आयु का था। – स्लाइड 14
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