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क्षमा न करने वाला सेवक

एक क्षमा किये गए सेवक की कहानी जो क्षमा नहीं कर सकता।
योगदानकर्ता सीकू - एज ग्रुप
CC BY-NC-ND
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पतरस ने पास आकर, यीशु मसीह से कहा, हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूं, क्या सात बार तक? यीशु मसीह ने उस से कहा, मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, वरन सात बार के सत्तर गुने तक। तब उसने यह दृष्टान्त सुनाया। स्वर्ग का राज्य उस राजा के समान है, जिस ने अपने दासों से लेखा लेना चाहा। – स्लाइड 1
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तो एक जन उसके साम्हने लाया गया जो दस हजार तोड़ों का कर्जदार था। – स्लाइड 2
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नौकर उस भारी कर्ज को चुकाने में असमर्थ था और इससे उसके मालिक को बहुत गुस्सा आया। – स्लाइड 3
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तो उसके स्वामी ने कहा, कि यह और इस की पत्नी और लड़के बाले और जो कुछ इस का है सब बेचा जाए, और वह कर्ज चुका दिया जाए। – स्लाइड 4
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इस पर उस दास ने गिरकर उसे प्रणाम किया, और कहा; हे स्वामी, धीरज धर, मैं सब कुछ भर दूंगा। – स्लाइड 5
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तब उस दास के स्वामी ने तरस खाकर उसे छोड़ दिया, और उसका उधार क्षमा किया। – स्लाइड 6
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परन्तु जब वह दास बाहर निकला, तो उसके संगी दासों में से एक उस को मिला, जिसने उससे सौ दीनार उधार लिया था; उस ने उसे पकड़कर उसका गला घोंटा, और कहा; मेरे सौ दीनार वापस कर। इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब भर दूंगा। उस ने न माना, परन्तु जाकर उसे बन्दीगृह में डाल दिया; कि जब तक कर्ज को भर न दे, तब तक वहीं रहे। – स्लाइड 7
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उसके संगी दास यह जो हुआ था देखकर बहुत उदास हुए, – स्लाइड 8
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और जाकर अपने स्वामी को पूरा हाल बता दिया। – स्लाइड 9
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तब उसके स्वामी ने उस को बुलाकर उस से कहा, हे दुष्ट दास, तू ने जो मुझ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा कर्ज क्षमा किया। सो जैसा मैं ने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था? – स्लाइड 10
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और उसके स्वामी ने क्रोध में आकर उसे दण्ड देने वालों के हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब कर्जा भर न दे, तब तक उन के हाथ में रहे। इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा। – स्लाइड 11
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