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मुर्ख धनवान का दृष्टान्त

एक मूर्ख अमीर आदमी के बारे में यीशु का दृष्टांत।
योगदानकर्ता अरब्स फॉर क्राइस्ट
CC BY-SA
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भीड़ में से एक मनुष्य ने यीशु से कहा, ‘गुरुजी, मेरे भाई से कहिये कि वह मेरे साथ सम्पत्ति का बंटवारा कर ले।’ – स्लाइड 1
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यीशु ने उत्तर दिया कि, मुझे किसने तुम्हारे ऊपर न्यायी नियुक्त किया है कि मैं इन सब बातों का फैसला करूं? सावधान रहो! और स्वयं को हर तरह के लालच से बचाए रखो। क्योंकि जीवन बहुत सारी सम्पत्ति बंटोरने से नही बनता। – स्लाइड 2
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यीशु ने एक उदाहरण देते हुए कहा: ‘एक धनवान मनुष्य के पास बहुत ही उपजाऊ खेत था जिसमे उत्तम फसल लगी। उसके सारे गोदाम फसल से भर गए और वह फसल को गोदाम में न रख पाया। – स्लाइड 3
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‘उसने अपनी इस परेशानी के बारे में सोचा,और अंत में कहा, मैं अपने सारे भंडार घरों को तोड़कर बड़े भंडार घर बनवाऊँगा, तब मेरे पास फसल को रखने के लिए पर्याप्त जगह होगी। – स्लाइड 4
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“और फिर मैं आराम से बैठकर स्वयं से कहूँगा, ‘मित्र ,तूने आने वाले वर्षों के लिए बहुत धन जोड़ लिया है । अब विश्राम कर! खा,पी और आनंद मना।” – स्लाइड 5
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परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा’ “मूर्ख! आज रात तू मर जाएगा। इसके बाद कौन इस धन का वारिस होगा? – स्लाइड 6
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यीशु ने उससे कहा ‘हाँ’, जो मनुष्य धरती पर धन बटोरता है लेकिन स्वर्ग में नहीं वह मूर्ख है। – स्लाइड 7
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