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बरअब्बा या यीशु?

पिलातुस और यीशु या बरअब्बा के बीच चुनाव।
योगदानकर्ता अरब्स फॉर क्राइस्ट
CC BY-SA
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जिस समय यीशु को गिरफ्तार किया गया और यहूदी अगुवों ने उस पर झूठा आरोप लगाया, उस समय बरअब्बा नाम का एक व्यक्ति बन्दीगृह में था। वह विद्रोहियों के एक समूह का नेता था जिसने शहर में एक विद्रोह शुरू किया जिसमें कई लोगों की हत्या कर दी गई थी। उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। – स्लाइड 1
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यीशु से पूछताछ करने के बाद, रोमी हाकिम पीलातुस ने महायाजकों और भीड़ से कहा, 'मुझे इस आदमी के खिलाफ कोई आरोप नहीं मिला।'<br/>उसने यीशु को शासक हेरोदेस अन्तिपास द्वारा मुकदमे का सामना करने के लिए भेजा, जिसने उसका मज़ाक उड़ाया, लेकिन यीशु के खिलाफ कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ। सो यीशु ने उसे पीलातुस के पास लौटा दिया। – स्लाइड 2
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पीलातुस ने महायाजकों, सरदारों और लोगों को बुलाकर कहा, मैं ने तुम्हारे साम्हने यीशु की जांच की, और तुम्हारे आरोप बेबुनियाद है। यीशु ने मौत के लायक कुछ भी नहीं किया है। मैं यीशु को दण्ड दूँगा और फिर उसे छोड़ दूँगा।' – स्लाइड 3
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परन्तु वे दृढ़ता से कहते रहे, 'वह अपने उपदेश से सारे यहूदिया में लोगों को भड़काता है। वह गलील में से लेकर यहाँ तक यही करता है।' – स्लाइड 4
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राज्यपाल की यह रीति थी कि फसह के पर्व पर वह भीड़ द्वारा चुने हुए किसी बन्धुए को छोड़ देता था। पीलातुस ने उनसे पूछा, 'तुम क्या चाहते हो, कि मैं तुम्हारे लिये छोड़ दूं: बरअब्बा को, या यीशु को जो मसीह कहलाता है? प्रधान याजकों और पुरनियों ने भीड़ से बरअब्बा को माँगने और यीशु को मार डालने का आग्रह किया। – स्लाइड 5
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'तो तुम दोनों में से किसे चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिए छोड़ दूं?' पीलातुस से पूछा। 'बरअब्बा,' वे चिल्लाए।<br/>पीलातुस ने पूछा, 'मैं यीशु के साथ क्या करूं जो मसीह कहलाता है?' सब ने उत्तर दिया, 'उसे क्रूस पर चढ़ाओ!'<br/>'क्यों? उसने क्या अपराध किया है?” पीलातुस से पूछा। परन्तु वे और भी ऊँचे शब्द से चिल्लाए, 'उसे क्रूस पर चढ़ा दो!' – स्लाइड 6
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जब पीलातुस ने देखा, कि कुछ बन नहीं रहा परन्तु हुल्लड़ बढ़ता जा रहा है, तो उस ने पानी लेकर भीड़ के साम्हने अपने हाथ धोए। 'मैं इस आदमी के खून से निर्दोष हूँ। यह आपकी जिम्मेदारी है! यीशु को क्रूस पर चढाने ले जाया गया। – स्लाइड 7
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बरअब्बा को बन्दीगृह से रिहा कर दिया गया और भीड़ को सौंप दिया गया। मौत की सजा का सामना करने के बजाय उन्हें रिहा कर दिया गया। – स्लाइड 8
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यीशु का उपहास उड़ाया गया और कोड़े मारे गए। – स्लाइड 9
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फिर उसे क्रूस पर चढ़ाने के लिए ले जाया गया। – स्लाइड 10
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