हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

यीशु का गतसमनी में प्रार्थना करना

यीशु गतसमनी में प्रार्थना करते हैं जब उनके शिष्य सो रहे होते हैं।
सर्वाधिकार सुरक्षित
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगव्यावसायिक उपयोग निषिद्ध व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कृतियाँ निषिद्ध व्युत्पन्न कृतियाँA.I. रूपांतरण निषिद्ध A.I. रूपांतरण
1
यीशु और उसके चेलों ने ऊपरी कमरा छोड़ा और जैतून के पहाड़ के एक स्थान जो गतसमनी का बाग कहलाया जाता था, उसमे चले गये, जहाँ वह अधिकतर प्रार्थना के लिए जाया करते थे। – स्लाइड 1
2
यीशु ने उनसे कहा, ‘प्रार्थना करो कि तुम परीक्षा में न पड़ो।’ ‘मरने की बात से मेरी आत्मा व्याकुल है। यहीं रुको और देखो।’ फिर वह उनसे थोड़ी दूर जा कर प्रार्थना करने लगा। – स्लाइड 2
3
यीशु अत्यंत उदास और परेशान था। वह घुटनों के बल गिरकर प्रार्थना करने लगा। – स्लाइड 3
4
‘पिता, अगर तू चाहे, यह प्याला मेरे मुहँ से हटा ले; परन्तु मेरी नहीं वरन् तेरी इच्छा पूरी हो। – स्लाइड 4
5
एक स्वर्गदूत दिखाई दिया जो उसे सामर्थ देता था। – स्लाइड 5
6
व्याकुल होकर यीशु और वेदना से प्रार्थना करने लगा और उसका पसीना लहू की बूँदों के सामान ज़मीन पर गिर रहा था। – स्लाइड 6
7
यीशु अपने चेलों के पास पहुँचा और उन्हें सोता पाया। यीशु ने उनसे कहा, ‘शिमौन पतरस, क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके?’ ‘जागते रहो और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो। आत्मा तो तैयार है परन्तु शरीर दुर्बल है।’ – स्लाइड 7
8
यीशु फिर वापस गया और फिर से वही प्रार्थना करने लगा। – स्लाइड 8
9
जब वह वापस लौटा तो चेले सो रहे थे। वे नहीं जानते थे कि उस से क्या कहें। – स्लाइड 9
10
यीशु चला गया और लगातार प्रार्थना करता रहा। – स्लाइड 10
11
जब यीशु लौटा तो अपने चेलों को फिर से सोता पाया। यीशु ने पूछा, ‘क्या तुम सो रहे और विश्राम कर रहे हो?’ ‘देखो, घड़ी आ पहुँची है और मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है। उठो, चलो! मेरा पकड़वानेवाला आता है!’ – स्लाइड 11
12
यीशु यह कह ही रहा था, यहूदा मंदिर के पहरेदारों, प्रधान याजकों, पुरनियों और लाठियों और तलवारों को लिए हुए एक भारी भीड़ के साथ आया। यहूदा ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि वह यीशु की पहचान उसे चूम कर देगा <br/> ­ – स्लाइड 12
13
वह यीशु के पास आया और चूम कर बोला, ‘हे रब्बी नमस्कार। – स्लाइड 13
14
यीशु ने उस से पूछा, ‘क्या तू मनुष्य के पुत्र को चूम कर पकड़वाता है?’ – स्लाइड 14
15
जैसे ही पहरेदार यीशु को पकड़ने के लिए आगे बढ़े, पतरस ने अपनी तलवार निकाल ली। – स्लाइड 15
16
पतरस ने महायाजक के सैनिक पर तलवार चलाकर उसका कान काट दिया। – स्लाइड 16
17
यीशु ने उस से कहा, ‘अपनी तलवार म्यान में वापस रख ले,’ ‘क्योंकि जो तलवार चलातें हैं वे तलवार से मारे जाएँगे। मैं अपने आपको बचाने के लिए स्वर्गदूतों की बारह टोलियाँ मंगवा सकता हूँ परन्तु ऐसा होना आवश्यक है।’ – स्लाइड 17
18
यीशु ने तब उस व्यक्ति का कान छुआ और उसे चंगा किया। – स्लाइड 18
19
तब यीशु ने महायाजकों और पुरनियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘क्या तुम्हें लगता है कि मैं एक विद्रोह चला रहा हूँ कि तुम मुझे पकड़ने लिए तलवारें और लाठियों को लेकर आये हो? तुम मुझे मंदिर में पकड़ सकते थे परन्तु तुमने नहीं पकड़ा। यह अंधकार के राज्य की घड़ी है।’ – स्लाइड 19
20
वे यीशु को ले गए। सब चेले मुड़े और भाग गये। – स्लाइड 20
21
स्लाइड 21