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पौलुस का एक ज्योतिषी से सामना होता है|

एक ज्योतिषी को उस पर नियंत्रण करने वाली बुरी शक्तियों से मुक्ति मिलती है।
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जब पौलुस ने देखा कि मकिदुनिया का एक व्यक्ति मकिदुनिया आने की याचना कर रहा है, तो पौलुस, सीलास, तीमुथियुस (और संभवत: लूक) ने फिलिप्पी की यात्रा की थी, जो मकिदुनिया में एक रोमन उपनिवेश था। – स्लाइड 1
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फिलिप्पी एक व्यस्त बाज़ार और अखाड़ा के साथ एक संपन्न रोमन उपनिवेश था। शहर के ठीक बाहर एक नदी थी जहाँ परमेश्वर के विश्वासी प्रार्थना करने के लिए एकत्रित होते थे। पौलुस ने वहाँ सभा करनेवाली स्त्रियों को प्रभु यीशु मसीह के विषय में सिखाया। उनमें से एक, लीदिया, मसीही बन गई थी और बपतिस्मा ले चुकी थी। – स्लाइड 2
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फिलिप्पी में मसीहियों का एक समूह  लीदिया के घर में और साथ ही नदी के किनारे पर मिलने लगा। – स्लाइड 3
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पौलुस, सीलास और तीमुथियुस अक्सर फिलिप्पी की मुख्य सड़क, वाया मैरिस, शहर से बाहर जाते समय नदी के किनारे प्रार्थना करने वालों से मिलने के लिए जाते थे – स्लाइड 4
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अब नगर में एक दासी थी जिस पर एक दुष्टात्मा समा गई थी, जिस ने उसे भविष्य देखने की शक्ति दी। – स्लाइड 5
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उसके स्वामी लोगों से पैसा लेते थे जो अपनी किस्मत जानना चाहते थे और वे उसकी बुरी शक्तियों से बहुत पैसा कमा रहे थे। – स्लाइड 6
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जब पौलुस और सीलास नदी के किनारे प्रार्थना के स्थान को जाने के लिये नगर से निकलकर मार्ग पर चले, तो यह दासी उनके पीछे हो ली। – स्लाइड 7
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वह उनके पीछे चिल्लाई, 'ये लोग परमेश्वर के दास हैं, और वे तुम्हें यह बताने आए हैं कि तुम्हारे पापों को कैसे क्षमा किया जाए।' – स्लाइड 8
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अब यह सिलसिला दिन-ब-दिन चलता रहा। – स्लाइड 9
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वह जोर से चिल्लाती, 'ये लोग परमेश्वर के सेवक हैं ... – स्लाइड 10
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‘...और वे तुम्हें यह बताने आए हैं कि तुम्हारे पापों को कैसे क्षमा किया जाए।' – स्लाइड 11
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एक दिन पौलुस उस दासी के चिल्लाने से परेशान हो गया। वह घूमा और उसे नियंत्रित करने वाली दुष्ट आत्मा को संबोधित किया। – स्लाइड 12
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'मैं तुम्हें यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देता हूं, उसमें से बाहर आओ!' – स्लाइड 13
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तुरन्त ही दुष्ट आत्मा दासी को छोड़कर चली गई। – स्लाइड 14
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वह अब दुष्टात्मा के नियंत्रण से मुक्त हो चुकी थी। – स्लाइड 15
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लेकिन अब लोगों की किस्मत बताने की ताकत नहीं थी। – स्लाइड 16
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दासी के मालिक इस बात से नाराज़ थे कि लड़की अब उन्हें भाग्य बताकर बड़ी रकम नहीं कमा सकती। – स्लाइड 17
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‘ये लोग यहूदी हैं और हमारे नगर में गड़बड़ी फैला रहे हैं,’ वे चिल्लाया। ‘ वे लोगों को ऐसे काम करना सिखा रहे हैं जो रोमी कानूनों के खिलाफ हैं। – स्लाइड 18
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पौलुस और सीलास ने खुद को गुस्से से भरी भीड़ से घिरा पाया। – स्लाइड 19
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उन लोगों ने पौलुस और सिलास को धर दबोचा और उन्हें घसीटते हुए बाजार के बीच अधिकारियों के सामने ले गये – स्लाइड 20
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न्यायाधीशों ने आदेश दिया कि पौलुस और सीलास को लकड़ी के कोड़ों से पीटा जाए। बार-बार छड़ें उनकी नंगी पीठ पर मारा गया। फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया। – स्लाइड 21
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