हम सामान्य आगंतुक आंकड़े एकत्र करने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं लेकिन व्यक्तिगत जानकारी नहीं। गोपनीयता नीति

यूसुफ पकानेहारा और पिलानेहारा

फिरौन के पकानेहारे और पिलानेहारों के स्वप्न।
योगदानकर्ता फ्री बाइबिल इमेजेस
CC BY-SA
पर्सनल और टीचिंग इस्तेमाल की इजाज़त है व्यक्तिगत एवं शिक्षण उपयोगवाणिज्यिक उपयोग की अनुमति व्यावसायिक उपयोगव्युत्पन्न कार्यों की अनुमति है व्युत्पन्न कृतियाँA.I. अनुकूलन की अनुमति A.I. रूपांतरण
1
पोतीपर की पत्नी के द्वारा झूठा आरोप लगाने के बाद यूसुफ को बंदीगृह में डाल दिया गया। परन्तु इस मुश्किल स्थान में भी उसने परमेश्वर को अपने साथ पाया। – स्लाइड 1
2
बंदीगृह के सरदार ने उससे प्रसन्न होकर युसुफ को अन्य बंदियो के ऊपर प्रधान नियुक्त कर दिया। – स्लाइड 2
3
बंदीगृह के प्रबंधक ने यह भी पाया कि वह यूसुफ पर अपनी जांच की आवश्यकता के बिना अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए भरोसा कर सकता है। परमेश्वर ने यूसुफ को जेल में उसके सब कामों में सफलता दी। – स्लाइड 3
4
इस बीच, फ़िरौन के महल में ... – स्लाइड 4
5
... एक पिलानेहारा था जो कि फिरौन को उसकी दाखरस परोसने के लिए नियुक्त किया गया था। – स्लाइड 5
6
इस व्यक्ति को यह ज़िम्मेदारी दी गयी कि वह सुनिश्चित करे कि जो दाखरस वह फिरौन को पेश करता उसमें कोई विष न मिलाने पाए। – स्लाइड 6
7
परन्तु एक दिन उसने फ़िरौन को इतना निराश कर दिया कि पहरेदारों को बुलाया गया। – स्लाइड 7
8
और उसे बंदीगृह में भेज दिया गया जहाँ यूसुफ को रखा था। – स्लाइड 8
9
उसी दिन फ़िरौन का पकानेहारा भी काम कर रहा था। – स्लाइड 9
10
उसने भी फ़िरौन को निराश किया ... – स्लाइड 10
11
... और उसे भी घसीटकर बंदीगृह में डाल दिया गया। – स्लाइड 11
12
यूसुफ इन नये बंदियों की देख-रेख के लिए ज़िम्मेदार था। – स्लाइड 12
13
कुछ समय बाद, जब एक सुबह यूसुफ उस कोठरी में आया, तो उसने देखा कि दोनों उदास लग रहे थे। उन्होंने धीरे से बोला कि ‘हम दोनों ने स्वप्न देखा परन्तु हम उसे नहीं समझते। यूसुफ ने बोला, ‘स्वप्न का अर्थ परमेश्वर बता सकता है’। ‘मुझे बताओ तुमने क्या स्वप्न देखा।’ – स्लाइड 13
14
पिलानेहारे ने पहले शुरुआत की। ‘मैंने स्वप्न में एक दाखलता को अपने सामने देखा, और उस दाखलता में तीन डालियाँ थीं।’ – स्लाइड 14
15
‘जैसे ही उसमें कलियाँ लगीं, वे फलीं, और उसके गुच्छों में दाख लगकर पक गए। फ़िरौन का कटोरा मेरे हाथ में था, और मैंने उन दाख को लेकर, फ़िरौन के कटोरे में निचोड़ दिया...’ – स्लाइड 15
16
‘तब मैंने कटोरे को फ़िरौन के हाथ में पकड़ा दिया।’ – स्लाइड 16
17
यूसुफ ने बताया ‘इसका अर्थ यह है।’ ‘तीन डालियों का अर्थ तीन दिन है। तीन दिन के भीतर फ़िरौन तुझे तेरा पद वापस देगा। तू फिर से उसे उसका कटोरा पेश किया करेगा।’ – स्लाइड 17
18
तब यूसुफ ने पिलानेहारे से एक अनुग्रह मांगा। उसने बताया, ‘मुझे इब्रानियों के देश से ज़बरदस्ती लाया गया था, और कुछ गलत न करने पर भी मैं इस बंदीगृह में हूँ। ‘जब तुझे तेरा पद वापस मिल जाए तो फ़िरौन के सामने मेरा स्मरण रखना। – स्लाइड 18
19
तब पकानेहारे ने अपना स्वप्न सुनाया। – स्लाइड 19
20
‘मेरे सिर पर रोटी की तीन टोकरियाँ थीं। सबसे ऊँची टोकरी में फ़िरौन के लिए सब प्रकार की पकी पकाईं खाने की वस्तुएँ थीं...’ – स्लाइड 20
21
‘...परन्तु पक्षी मेरे सर पर की टोकरी से उन वस्तुओं को खा रहे थे।’ – स्लाइड 21
22
यूसुफ ने समझाया, ‘तीन टोकरियों का अर्थ तीन दिन है’ और फिर बुरी खबर सुनाईं। ‘तीन दिन के भीतर फ़िरौन तेरा सिर कटवा देगा। और पक्षी तेरे मांस को नोच खाएँगे।’ – स्लाइड 22
23
तीन दिन बाद फ़िरौन का जन्मदिन था और उसने अपने सब कर्मचारियों के लिए दावत दी। पकानेहारे और पिलानेहारे को बंदीगृह से बुलवाया गया। – स्लाइड 23
24
हर कोई उन दोनों के प्रति फ़िरौन के न्याय का इंतेज़ार कर रहा था। – स्लाइड 24
25
पिलानेहारे को छोड़ दिया और उसे उसका कार्य वापस दे दिया गया। – स्लाइड 25
26
अपना भाग्य जानने के लिए अब पकानेहारे की बारी थी। – स्लाइड 26
27
फ़िरौन ने उसकी तुरंत फाँसीं का आदेश दिया (उसके सिर को कटवाया और खंबे पर फँसा दिया गया)। – स्लाइड 27
28
अपने कार्य पर वापस पहुँचने के बाद पिलानेहारा यूसुफ के बारे में एकदम भूल गया और फ़िरौन के सामने उसका स्मरण न किया। – स्लाइड 28
29
जिसकी वजह से यूसुफ बंदीगृह में ही रहा – परन्तु वह ये जनता था कि परमेश्वर उसके साथ था। – स्लाइड 29
30
स्लाइड 30